Story of ugna mahadev | भक्ति ऐसी की भोले भी दास बन गये
Story of ugna mahadev | भक्ति ऐसी की भोले भी दास बन गये कहते है ना अगर भक्ति में सकती हो तो हरकुछ संभव हैं Ugna mahadev और vidyapati की कहानी ये बखूबी बयां करती हैं आज हम बिहार के मधुबनी जिले में उपस्थित ugna mahadev mandir bhawanipur के बारे में बतायेंगे ये mandir उगना महादेव व उग्रनाथ मंदिर के नाम से काफी प्रसिद्ध है। ugna mahadev mandir महाकवि विद्यापति मैथिली के सर्वोपरि कवि के रूप में जाने जाते हैं। वे भगवान शिव के बहुत बड़े भक्त थे उन्होंने भगवान शिव पर अनेको मैथिल गीतों की रचना की है। वो इतने बड़े भक्त थे उसका अंदाजा आप इसी से लगा सकते हैं की भगवान शिव उनके यहाँ उनके दास बनकर रहे , बात 1360 इसवी की हैं जब भगवान भोलेनाथ स्वंय इस मृत्युलोक पर ugna बनकर उनकी रचना सुनने के लिए उनके पास दास बनकर रहे !

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