Uchchaith Bhagwati

Wednesday, 21 November 2018

Uchchaith Bhagwati

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उच्चैठवासनी भगवती से जुड़ी कहान ी!

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Uchchaith Bhagwati

Uchchaith bhagwati के बारे में जाने !

प्राचीन मध्य से मिथिलांचलक धरोहर Uchchaith bhagwati जो कि बिहार के मधुबनी जिला में बेनीपट्टी से चार किलोमीटर पश्चिम दिशा में एक पर्यटक स्थलों में से है ये मंदिर प्राचीन काल से ही सिद्धपीठ Uchchaithvasni bhagwati के नाम से प्रचलित हैं इस मंदिर मे छिन्नमस्तिका दुर्गा माँ विराजित है इस मंदिर में जो भी श्रद्धालु पूरी निष्ठा से विश्वास  से जो भी मनोकामनाएं माँगता है वो उसे मिल जाता है इस मंदिर से एक बहुत ही प्राचीन कहानी जुड़ी हुई है इस मंदिर के पूर्व दिशा में एक संस्कृत विद्यालय है जिसके और मंदिर के बीच एक नदी बहती है ।

Mahakavi Kalidas

Mahakavi Kalidas जो कि कभी महामूर्ख हुआ करते थे उनकी पत्नी विधोत्तमा जो कि बहुत बड़ी विदुषी थी पत्नी के तिरस्कार के बाद Kalidas उसी आवसीय संस्कृत विधायलय में आ गये, जहाँ उनको खाना बनाने के लिए रख लिया गया था |

अगर आपको जाननी हैं की क्यों महाकवि Kalidas को उनकी पत्नी विधोत्तमा ने घर से निकाल दिया था तो आप नीचे अवश्य comment करे, हम उस भाग को भी आपके सामने जल्द लेकर आयेंगे !!

 Uchchaith bhagwati के मंदिर में स्कूल के बच्चे के द्वारा ही साफ सफाई, शाम के समय लालटेन जलाना माता की आरती करना ये सभी वही के छात्र किया करते थे । एक बार बरसात के मौसम में एक दिन बहुत मुसलाधार बारिश होने लगी जो कि सुबह से शाम तक होते ही रह गया जिसके कारण पूरा नदी पानी से भर गया आने  जाने का एकमात्र रास्ता वही था,

शाम के समय भगवती के मंदिर में दीपक जलाने का समय हो रहा था सभी बच्चे जल से लबालब भरी नदी जिसमे पानी अत्यंत तेज़ गति से बह रही थी जिसको पार कर भगवती मंदिर जाने से मना कर रहे थे अब ये एक बहुत बड़ी चुनौती थी, की  कौन uchaith bhagwati की मंदिर में शाम की आरती दिखाए सभी छात्र असमर्थ लग रहे थे,

तभी सभी ने Kalidas से कहा कि आज शाम की दीपक आप ही Uchaith bhagwati के मंदिर में ले जायेंगे और वहाँ कोई चिन्ह देकर आएंगे जिससे हमें दूसरे दिन उसकी प्रामाणिकता वहां मिले कि आपने वास्तव में मंदिर में जाकर दीपक जलाया की नही ,

Kalidas मुर्ख ही नही महामूर्ख होने की बजह से स्थिति से कुछ भी अवगत नही हो पाए और उन्हें जाने के लिए मानना पड़ा, किसी तरह डूबते बचते वो मंदिर पहुँचे दीपक जलाने के बाद अब उन्हें चिह्न लगाना था लेकिन उन्होंने सोचा कि उन्होंने तो कोई ऐसी वस्तु ही लेकर नही आये तभी उनकी नजर दीपक से काला हुए दीवाल की तरफ गया उन्होंने अपने हाथ पर वो काली स्याहि लगाई और चिंह लगाने के लिए जगह ढूढने लगे लेकिन पूरी दीवार पे पहले से काला स्याह देख वो सोचने लगे कि कहा ये स्याह लगाए,

तभी उन्होंने सोचा क्यों ना भगवती के चेहरे पे ही इस स्याह को लगा दिया जाए जिस से उन लोगो को हम पर विश्वास हो तो जैसे ही उन्होंने अपनी हथेली uchaith bhagwati के मुँह के तरफ बढ़ाया की माँ bhagwati प्रकट हो गयी और उसके हाथ को पकड़ कर कहा Kalidas तुम्हे  कोई और दूसरी जगह नही दिखाई दी जो तुम हमारे मुख पर ही स्याह लगाने लगे।


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Uchchaith bhagwati 


Uchchaith bhagwati को देख Kalidas रोते हुए अपनी सारी व्यथा सुनाई भगवती Kalidas की सारी व्यथा सुनी की मूर्ख होने की वजह से उसकी पत्नी ने उसका तिरस्कार किया तो भगवती ने उसे वरदान दिया कि आज रात में तुम जितने भी किताब को छू दोंगे सारी विद्या तुम्हे हो जाएगी,

Kalidas महामूर्ख से बने महाकवि 

किसी तरह Kalidas आवासीय विद्यालय पहुँच कर रात का खाना सबको खिलाने के बाद खुद भी खाये फिर रात में सब के सो जाने के बाद पुस्तकालय में उपलब्ध जितने भी किताब थी सारे को छू दिये, सुबह हुई सभी बच्चे स्न्नान ध्यान के बाद पढने बैठे वो जो भी पढ़ते थी उनकी गलती पढ़े श्लोक के उच्चारण को Kalidas तुरंत सही कर के उन्हें बताते थे ऐसा एक बार हुआ दो बार हुआ और जब ऐसा कई बार हुआ तो सभी बच्चे आश्चर्यचकित हो गये थे सभी ने इसकी सुचना गुरूजी को दिया तब गुरूजी ने उनकी बातो का सत्यापन किया तो उन्हें भी बहुत अधिक आश्चर्य हुआ की कल तक महामूर्ख Kalidas अचानक कैसे इतने ज्ञानो का धनी हो गया तब Kalidas ने गुरूजी को बताया की कैसे वो माता के आशीर्वाद से ज्ञानी हो गये !!

Kalidas आगे चलकर बहुत बड़े कवि हुए उनके कुछ बहुत रोचक  किताब है :-  कुमार संभव , मेघदूत,और अनेक रचना है वर्तमान समय में मंदिर प्रांगण में एक मंडप बनाया गया है जिसमे Kalidas की सारी जीवन संबंधित जानकारी चित्रलाँकित है ।

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Uchchaith bhagwati 


Uchchaith bhagwati की पूजा वहाँ के चारों तरफ की 200 किलोमीटर तक के लोग हजारो की संख्या में करते है यहां नवरात्रि में बहुत ही धूम धाम से माँ की पूजा अर्चना की जाती है।



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Uchchaith bhagwati 


आने का मार्ग 

यहाँ आने का मार्ग बस द्वारा बिहार से मधुबनी फिर वहाँ से बेनीपट्टी फिर Uchchaith bhagwati sthan !!

अगर आप भी दुसरे जगह  से Uchchaith bhagwati  के यहाँ आना चाहते हैं तो आप आने से पहले इस वेबसाइट के माध्यम से हमे contact कर सकते हैं हम आपकी पूरी सहयता करेंगे  !!

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Uchchaith bhagwati माता की कृपा सदा आप पर बनी रहे !!

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