Manikeshwari bhagwati

Wednesday, 28 November 2018

Manikeshwari bhagwati

3 comments :

Manikeshwari Bhagwati से जुड़ी कहानी !

Manikeshwari, Manikeshwari bhagwati, Manikeshwari mata,
Manikeshwari 


Manikeshwari bhagwati Damodarpur गावं के दक्षिण दिशा में स्थित हैं , सिद्धपीठ manikeshwari bhagwati  के बारे में ऐसा कहा जाता हैं की जो भी भक्त पूरी श्रधा से इनके शरण में आया हैं माँ manikeshwari mata ने उसकी सभी कार्यो को सफल की हैं !

कैसे हुई manikeshwari की  स्थापना


Manikeshwari, Manikeshwari bhagwati, Manikeshwari mata,
Manikeshwari Maa


आज से ३०० साल पहले १७३५ इसवी  में damodarpur ग्राम के मानिक मिश्र नाम के एक व्यक्ति जो पटना महाराज नागेश्वर सिंह के राज पुरोहित हुआ करते थे उन्होंने ही manikeshwari mata की स्थापना damodarpur में किये थे जिसके पीछे एक बहुत बड़ा इतिहास हैं एक बहुत अद्भुत कहानी हैं  !!

कौन हैं मानिक मिश्र


मानिक मिश्र जो एक बहुत बड़े पंडित और बहुत बड़े ज्योतिष ज्ञाता भी थे जिनकी छवि अपने गाव ही नही उसकी चौहदी में था वो bhagwati के इतने बड़े भक्त थे की bhagwati उनके सपनों में उन्हें दर्शन दिया करती थी इतने बड़े ज्ञाता और विद्वान होने के कारण ही वो पाटलिपुत्र महाराज के राज पंडित थे ! इनके नाम से ही bhagwati का नाम manikeshwari mata के नाम से जाना जाता हैं !

कैसे Manikeshwari bhagwati का उदय हुआ ?


बुजुर्गो के मुहं से सुना हैं , की एक बार माँ manikeshwari bhagwati ने पंडित मानिक मिश्र को स्वप्न दिया की भक्त तुम्हारे निस्वार्थ पूजा और आस्था से प्रसन्न हो कर मैं तुम्हारे साथ तुम्हारे गावं चलना चाहती हूँ तुम मुझे इस अमुक जगह (पटना के आसपास ) से निकालो , दुसरे दिन राज दरवार में पंडित मानिक मिश्र ने सभी दरवारियो और राजा  के सामने अपनी रात की सारी सपने की बात को रखा , दरवार में सभी ने उनके उस बात पर उपहास भी किया लेकिन राजा ने अपने इस ज्ञानी पंडित की बात को  समझते हुए उनके साथ 100 सैनिक दे दिए ,

सभी सैनिको के साथ पंडित मानिक मिश्र अपने सपने में bhagwati के द्वारा बताये गये जगह पर पहुचे पुरे लोगो के साथ उस जगह की खुदाई में जुट गये पुरे दिन के परिश्रम के बाद वहां कुछ नही मिला सभी लोग निराश हो कर वहां से पाटलिपुत्र के लिए निकल गये शाम हो जाने के कारण कुछ दूर चलने के बाद ही रात्री हो गये जिससे वही सभी ने विश्राम करने की इच्छा प्रकट की और खाना खाने के बाद थके होने के कारण सभी जल्द ही सो गये !

manikeshwari mata ने फिर दिया सवप्न


अभी रात्री की अर्धवेला ही हुआ था की पंडित मानिक मिश्र के सपने में bhagwati फिर आये और कहे भक्त मुझे तुम्हारे साथ चलना हैं तुम अकेले क्यों नही आये , इतना सुनते ही पंडित जी नींद से जग गये और कुदाल उठाई और रात्री के अर्धवेला में ही उस स्थान पर निकल पड़े ,
वहां पहुच कर पंडित जी ने जैसे ही पहली बार कुदाल चलाये की कुछ टकराने की आवाज हुई मिट्टी हटाई तो bhagwati  को सामने देख फुले नही समां रहे थे bhagwati को प्रणाम कर उन्हें निकाला तो वहां से दो bhagwati निकली ,पंडित जी ने फिर अपने सैनिको तक ये सन्देश पहुचाये और वहाँ से भगवती को ले राजा दरबार पहुचे और राजा से bhagwati को अपने साथ ले जाने की अनुमति मागी ,

राजा ने एक bhagwati इनको ले जाने को कहाँ और एक को वही पाटलिपुत्र में इनके द्वारा पूजा पाठ  करवा के स्थापित करने को कहाँ जो bhagwati पाटलिपुत्रा bhagwati से जानी जाती हैं , bhagwati की स्थापना कर पंडित मानिक मिश्र राजा से आज्ञा लेने पहुचे तो राजा ने इन्हें 35 बीघा जमीन damodarpur गावं में दिए  और कहा की आप इन्ही जमीन से bhagwati के लिए घर का निर्माण करेंगे और उसी जमीं से खर उत्पादन होता था और bhagwati के लिए फूस के घर का निर्माण हुआ करता था !


manikeshwari mata से जुडी और भी बहुत कहानियाँ हैं जो यहाँ के लोगो से सुनने को मिलता हैं

  • एक कहानी  manikeshwari bhagwati और  बरह्म बाबा के बीच की लड़ाई की हैं
  • एक कहानी manikeshwari bhagwati के यहाँ पंडित और वहां बलिप्रदान  सिर्फ पंडित मानिक मिश्र के परिवार और उनके खानदान के लोग ही कर सकते हैं !  और damodarpur गावं में दो अशुरो से बनाया गया पोखरे भी हैं जिसके पीछे भी बहुत बड़ा इतिहास और कहानी हैं :- महादैय, दिग्ही
  • आपको इन कहानियों के बारे में जानना हैं तो आप हमे नीचे comment में बताये !!


Manikeshwari, Manikeshwari bhagwati, Manikeshwari mata,
Manikeshwari Mata

श्रधा

manikeshwari mata की जो भी सच्चे  मन से पूजा आराधना करता हैं माँ manikeshwari उनसब पर अपनी अशीम कृपा रखती हैं ,
भक्त manikeshwari mata को बुढिया bhagwati भी कहते हैं manikeshwari दुर्गा की पूजा साल के सभी दिन सुबह और शाम के समय होती हैं !
manikeshwari bhagwati की पूजा दुर्गापूजा में बड़ी धूमधाम से होती हैं हजारो किलोमीटर से लोग माँ की आशीर्वाद लेने आते हैं durgapuja में लोगो का जनसैलाब यहाँ होता हैं आप को भी एक बार यहाँ जरुर आना चाहिए !

आने का मार्ग

Madhubani से benipatti के लिए बस , टेम्पो मिलती हैं और benipatti से damodarpur की गाडिया मिलती हैं जो आपको bankatta होते हुए damodarpur और damodarpur पहुच कर आप manikeshwari mata के स्थान आ सकते हैं !!

अगर आप को किसी और चीज़ की आवश्यकता महसूस होती हैं तो आप हमे contact us से बात कर  सकते हैं  जिस से हम आपकी सेवा कर सके ,
NOTE (contact us में आपको हमारा फ़ोन नंबर और ईमेल मिलेगा )

आपसे अनुरोध

सभी  भक्तो से निवेदन की manikeshwari mata की ये जानकारी आपको कैसी लगी comment में जरुर बताये जिस से हमे और बेहतर करने की प्रेरणा और उत्साह मिले हमे आपके comment का इंतज़ार रहेगा !
सभी भक्तो से निवेदन की इस पोस्ट को नीचे दिए facebbok, whatsapp पर क्लिक कर share जरुर करे और ये जनकारी और लोगो तक पहुचाने में मदद करे!

manikeshwari mata की आशीर्वाद आप पर सदैव बनी रहे !!



Manikeshwari, Manikeshwari bhagwati, Manikeshwari mata,
Manikeshwari mata


3 comments :

  1. Jai maa Manikeswari🙏🙏🙏

    ReplyDelete
    Replies
    1. आपके comment के लिए धन्यवाद माँ भगवती की कृपा सदैव आप पर बनी रहे ।

      Delete
  2. Jay maa maniskeshwarii 🚩🚩🚩🚩🚩👩💬Cool💫
    👏💥

    ReplyDelete